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नई दिल्ली, 9 मई: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तो लगा रहता है, लेकिन जब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के शेयर में अचानक बड़ी गिरावट आ जाए, तो निवेशकों की धड़कनें तेज होना लाजमी है। हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है।
8 मई को SBI (State Bank of India) के शेयरों में अचानक 7 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस क्रैश ने उन निवेशकों को चिंता में डाल दिया है जिनके पोर्टफोलियो में यह शेयर पहले से मौजूद है। वहीं, जो लोग शेयर बाजार में नए मौके तलाश रहे हैं, उनके मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी बड़ी गिरावट के बाद SBI का शेयर सस्ते में मिल रहा है? क्या यह ‘बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) यानी गिरावट में खरीदारी करने का सही समय है? आइए, इस पूरी स्थिति को आसान भाषा में समझते हैं।
गिरावट का असली कारण: नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे
किसी भी शेयर की चाल काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उस कंपनी के तिमाही नतीजे कैसे रहे हैं और बाजार ने उन नतीजों से क्या उम्मीदें लगाई थीं। 8 मई को देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने अपनी मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।
आंकड़ों की बात करें तो, SBI का स्टैंडएलोन मुनाफा मार्च तिमाही में 5.6 फीसदी बढ़कर 19684 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अगर हम पिछले साल की इसी समान अवधि (मार्च तिमाही) की बात करें, तो तब बैंक का मुनाफा 18643 करोड़ रुपये था।
अब आप सोचेंगे कि जब बैंक का मुनाफा बढ़ा है, तो शेयर का भाव क्यों गिर गया? शेयर बाजार में ऐसा क्यों होता है?
इसका सीधा सा जवाब है ‘बाजार की उम्मीदें' (Market Expectations)। शेयर बाजार हमेशा भविष्य और अनुमानों पर चलता है। मार्केट एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स ने यह अनुमान लगाया था कि इस मार्च तिमाही में SBI का प्रॉफिट 20312 करोड़ रुपये रहेगा। लेकिन, असल मुनाफा 19684 करोड़ रुपये ही रहा। यानी मुनाफा तो बढ़ा, लेकिन वह एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम रहा। इसी निराशा की वजह से निवेशकों ने शेयर बेचना शुरू कर दिया और शेयर धड़ाम हो गया।
शेयर के भाव में कितनी आई गिरावट?
नतीजों के ऐलान के बाद 8 मई को बाजार में SBI के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। एक समय पर तो शेयर 7.42 फीसदी तक क्रैश कर गया था। हालांकि, दिन ढलते-ढलते बाजार में थोड़ी रिकवरी आई और कारोबार के अंत में यह शेयर 6.74 फीसदी टूटकर 1018 रुपये के लेवल पर बंद हुआ। इससे पहले 8 अप्रैल को भी शेयर बाजार में आई आम गिरावट का असर SBI के शेयरों पर साफ देखने को मिला था।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या अभी SBI का शेयर खरीद लेना चाहिए?
जब भी किसी अच्छे और मजबूत शेयर में गिरावट आती है, तो रिटेल निवेशक उसे खरीदने के लिए दौड़ पड़ते हैं। लेकिन क्या SBI के मामले में अभी ऐसा करना सही होगा? आइए जानते हैं देश की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म्स और मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।
1. रेलिगेयर ब्रोकिंग की सलाह: अभी थोड़ा इंतजार करें
रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने SBI के शेयर पर अपनी अहम राय दी है। उनका मानना है कि SBI का शेयर अभी थोड़ा और गिर सकता है।
- सपोर्ट लेवल: अजीत मिश्रा के अनुसार, इस शेयर को नीचे की तरफ 970 से 990 रुपये की रेंज में सपोर्ट मिल सकता है। (सपोर्ट लेवल वह बिंदु होता है जहां से शेयर के और ज्यादा गिरने की संभावना कम हो जाती है और वहां से कीमत वापस ऊपर उठ सकती है)।
- निवेशकों के लिए सलाह: उन्होंने नई खरीदारी करने वाले निवेशकों को अभी इंतजार करने की सलाह दी है।
- स्टॉपलॉस: जिन लोगों के पास पहले से SBI के शेयर हैं, उन्हें अपनी पूंजी बचाने के लिए 970 रुपये के लेवल पर स्टॉपलॉस (Stop Loss) जरूर लगाना चाहिए।
- रेसिस्टेंस लेवल: अगर बाजार में तेजी वापस लौटती है, तो इस शेयर को ऊपर जाने के लिए 1050 से 1075 रुपये के बीच रुकावट (Resistance) का सामना करना पड़ सकता है।
2. मोतीलाल ओसवाल की सलाह: अभी निवेश से बचें
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के एक्सपर्ट रुचित जैन का नजरिया भी कुछ ऐसा ही है।
- साइडवेज ट्रेंड: रुचित जैन का कहना है कि शॉर्ट टर्म में यानी छोटी अवधि में SBI के शेयरों में 'साइडवेज ट्रेंड' दिख सकता है। इसका मतलब है कि शेयर न तो बहुत ज्यादा ऊपर जाएगा और न ही बहुत नीचे, बल्कि एक ही दायरे में घूमता रहेगा।
- बाजार की तेजी से दूरी: उन्होंने एक अहम बात यह भी बताई कि हाल के दिनों में जब पूरे शेयर बाजार में तेजी आई थी, तब भी SBI के शेयर ने उस तेजी में कोई खास हिस्सा नहीं लिया।
- सपोर्ट और रुकावट: रुचित जैन के मुताबिक, इस शेयर के लिए 1120 रुपये पर एक कड़ा रेसिस्टेंस है और नीचे की तरफ इसे 975 रुपये के करीब सपोर्ट मिलेगा।
- सलाह:हालिया गिरावट को देखते हुए उन्होंने साफ कहा है कि निवेशकों को फिलहाल इस शेयर में नया पैसा लगाने से बचना चाहिए। उन्हें तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक शेयर की चाल (Trend) पूरी तरह से बदल नहीं जाती।
सिक्के का दूसरा पहलू: बैंक की एसेट क्वालिटी में शानदार सुधार
भले ही प्रॉफिट एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम रहा हो, लेकिन बैंक की सेहत से जुड़ी एक बहुत अच्छी खबर भी है। बैंक की 'एसेट क्वालिटी' (Asset Quality) में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। किसी भी बैंक के लिए उसका एनपीए (NPA - Non Performing Asset) यानी फंसा हुआ कर्ज बहुत मायने रखता है। एनपीए जितना कम हो, बैंक उतना ही मजबूत माना जाता है।
मार्च तिमाही में SBI का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर सिर्फ 1.49 फीसदी पर आ गया है। यह दिसंबर तिमाही के अंत में 1.57 फीसदी था। वहीं, अगर पिछले साल की मार्च तिमाही से तुलना करें तो तब यह 1.82 फीसदी के स्तर पर था। एनपीए में आ रही यह लगातार गिरावट दिखाती है कि बैंक का मैनेजमेंट कर्ज वसूली में बहुत अच्छा काम कर रहा है और बैंक की बुनियाद (Fundamentals) लंबी अवधि के लिए बेहद मजबूत है।
बीते एक साल का प्रदर्शन
अगर हम थोड़े लंबे समय का नजरिया रखें, तो SBI ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है। बीते एक साल की बात करें तो इस शेयर ने करीब 31 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। जो शेयर आज गिरकर 1018 रुपये पर है, वह पिछले एक साल में निवेशकों की अच्छी खासी कमाई करा चुका है।
कुल मिलाकर बात यह है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) देश का सबसे बड़ा और एक मजबूत सरकारी बैंक है। इसकी एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है जो लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों के लिए एक बहुत अच्छा संकेत है।
हालांकि, छोटी अवधि (Short Term) में नतीजों की निराशा के कारण शेयर में दबाव देखने को मिल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स की बातों का निचोड़ यह है कि अभी गिरते हुए शेयर को पकड़ने (Catching a falling knife) की कोशिश न करें। शेयर को एक सपोर्ट लेवल (जैसे 970-990 रुपये) पर स्थिर होने दें। अगर आप नया निवेश करना चाहते हैं, तो शेयर की चाल बदलने का इंतजार करें और अगर आप पहले से निवेशित हैं, तो 970 रुपये के स्टॉपलॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं।
